छेने के रसगुल्ले बनने क वध

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की हालत तब से काफी खराब हो गई है जब से यहां डीडीए के तमाम प्लाटों पर निर्माण कार्य शुरू हुए हैं। इस सड़क से निर्माणाधीन साइटों के लिए सामान से लदे ट्रक, टैंपो रोजाना गुजरते हैं। भारी वाहनों के गुजरने से इस सड़क की दशा दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। सड़क के किनारे स्थित मकानों में धूल बड़ी समस्या है। इस सड़क के किनारे डीडीए की कई आवासीय सोसायटियां हैं। इन सोसायटियों के पीछे वाले हिस्से में पड़ने वाले फ्लैट के निवासी धूल की समस्या से परेशान हैं। वहीं भरत विहार कालोनी की बात करें तो यहां के लोगों का कहना है कि इस सड़क का इस्तेमाल करने में काफी जोखिम है। कौन सी गाड़ी कहां फंस जाए, यह कहा नहीं जा सकता है। बारिश हो या धूप दोनों ही स्थिति में यहां परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोनों ही स्थितियों में परेशान राहगीर व आसपास चलने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क पर इतने गड्ढे बन चुके हैं कि अब महज मरम्मत से यहां काम नहीं चलने वाला है। जब तक पूरी सड़क नए सिरे से नहीं बन जाती तब तक यहां यह समस्या बनी रहेगी, लेकिन किसी को यह नहीं पता कि यहां सड़क का निर्माण कब तक होगा।