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हमारे पास हफ्ते भर में चार-पांच ब्राड डेड मामलू आए हैं। ऐसी स्थिति में यह पता नहीं चल पाता किि आखिर मौत का कारण क्या है। बीमारी के मामले में लोग लापरवाही बरतते हैं। बाद में हालत अधिक बिगड़ती है, तो ही अस्पताल की ओर रुख करते हैं। हालांकि यह ठीक है कि आजकल अस्पतालों में बेड की कमी है, फिर भी अगर किसी को कोई छोटी सी बीमारी है, तो शुरू से ही इलाज पर ध्यान दिया जाना चाहिए। बीमारी बढ़ने पर जब ध्यान देते हैं, तब तक जोखिम बन जाता है।

नंदिग्राम में ममता VS शुभेंदु, इमरान खान की ब

1.भारतीयजनतापार्टीनेपश्चिमबंगालविधानसभाचुनावकेपहलेदोचरणोंकेलिएअपनेउम्मीदवारोंकीपहलीलिस्टजारीकरदी.पार्टीनेटीएमसीछोड़बीजेप