आस्था के महापर्व छठ में ध्वस्त हो जाती है जात-पात की दीवारें

-31अक्टूबरसेशुरूहोरहाहैसूर्योपासनावआस्थाकामहापर्वछठ

संवादसूत्र,हेमजापुर(मुंगेर):मजहबनहींसिखाताआपसमेंबैररखना..यहपंक्तिलोकआस्थाकेमहापर्वछठपरपूरीतरहसेचरितार्थहोजातीहै।छठपर्वकाचारदिवसीयअनुष्ठानगुरुवारसेप्रारंभहोजाएगा।आस्थाकेइसमहापर्वमेंजात-पात,अमीर-गरीब,धर्मसभीविभेदकीदीवारेंधराशायीहोजातीहै।हरजातिकेलोगइसपर्वमेंएकसाथगंगामेंखड़ेहोकरभगवानभास्करकोअ‌र्घ्यअर्पितकरतेहैं।वहीं,पर्वकेआयोजनमेंहरजातिबिरादरीकीसक्रियतासमरससमाजकीपरिकल्पनाकोचरितार्थकरदेतीहै।

छठमेंमलिकसमुदायकेलोगबनातेहैंसूप

बांसकीबनीसूपमेंछठमैयाकोप्रसादचढ़ायाजाताहै।वहीं,छठघाटतकपूजनसामग्रीऔरसूपलेजानेमेंबांससेबनीदौरा(डलिया)काइस्तेमालकियाजाताहै।बांसकासूपऔरदौराबनानेकाकाममल्लिकसमाजकेलोगकरतेहैं।मलिकसमाजकेलोगदिन-रातएककरकेछठव्रतियोंकेलिएसूपबनातेहैं,ताकिहरछठव्रतियोंकोयेआसानीसेउपलब्धहोजाए।हेमजापुरकेसुबोधमलिकनेकहाकिछठपूजाकेलिएउनकापूरापरिवारबीतेएकसप्ताहसेजी-तोड़मेहनतकररहाहै।पर्वमेंसूपकीबिक्रीबढ़जातीहै।सालभरकापर्वहै,इसलिएमहंगाईकेचलते150रुपयेजोड़ासूपबेचरहेहैं।बांसमालिकइनदिनोंबांसकीकीमतेंबढ़ादेतेहैं,जिससेहमलोगोंकोपरेशानीहोतीहै।उंचीकीमतदेकरबांसखरीदनापड़ताहै।छठपर्वपरसभीछठव्रतियोंकोसूपउपलब्धहोसके,इसकापूराप्रयासहमसारेपरिवारकेलोगकरतेहैं।आमदिनोंमेंछुआछूतकीबातभलेहो,लेकिनछठमेंबड़ेबड़ेलोगहमारेघरपरसूपऔरदौराखरीदनेआतेहैं।

मिट्टीकेबर्तनबनातेहैंकुम्हारसमाजकेलोग

कुम्हार(प्रजापति)समाजकेलोगपर्वमेंउपयोगकिएजानेवालेमिट्टीकेघड़े,चौमुखीदीया,ढकनाआदिबनाकरछठव्रतियोंकोसहयोगकरतेहैं।सुंदरपंडितनेकहाकिछठपर्वमेंकाफीमेहनतकरनीपड़तीहै,क्योंकिमिट्टीकेबर्तनोंकीमांगबढ़जातीहै।इसलिएपूरापरिवारइसकाममेंएकमाहसेपहलेसेजुटजातेहैं।

मुस्लिमसमाजसेखरीदतेहैंछठव्रतीपूजनसामग्री:

छठपर्वमेंमुस्लिमसमाजभीकममेहनतनहींकरतेहैं।महापर्वमेंफल-फूल,केला,सेब,नारियल,ईखआदिकीबिक्रीकरनेवालोंमेंसबसेअधिकसंख्यामुस्लिमभाईयोंकीहोतीहै।मुसलमानभाईभीछठपर्वमेंस्वच्छताकाविशेषख्यालरखतेहैं।पर्वकेपांचदिनपहलेसेमांस-मछलीआदिकीबिक्रीबंदकरदेतेहैं।उस्मानऔरमंसूरआलमआदिनेकहाकिप्रत्येकवर्षछठपरहमलोगफलकादुकानलगातेहैं।लोगोंकीआस्थाकोदेखतेहुएसाफसफाईकाविशेषख्यालरखाजाताहै।

मछुआरासमाजकरतेहैंघाटोंकीसफाई:

इसमहापर्वमेंहरकिसीकासहयोगभरपूरहोताहै।स्थानीयछठपूजासमितियोंकेसाथस्थानीयमछुआरा(केवट)समाजकेलोगविभिन्नघाटोंकीसाफ-सफाईकाजिम्मालेतेहैंऔरपूजासमितियोंकेसाथमिलकरघाटोंकीसफाईकरतेहैं।वहींघाटोंपरअपनी-अपनीनौकालेकरछठव्रतियोंकीसुरक्षामेंजुटेरहतेहैं।गंगाघाटोंपरपर्वकेदिनसारेजाति-बंधनध्वस्तहोजातेहैं।