Corona vaccine Update: भारत में यहां तक पहुंचा वैक्सीन का काम, जड़ी-बूटी से भी कोरोना के इलाज का ट्रायल शुरू

नईदिल्लीकोरोनाकेकहरकेबीचदेसीकोरोनावैक्सीनबनानेकीतैयारीभीजोरोंपरहै।आईसीएमआरकेडायरेक्टरप्रोबलरामभार्गवनेमंगलवारकोबतायाकिभारतमेंतीनटीकेक्लिनिकलट्रायलस्टेजमेंहैं।इससेपहलेकेंद्रीयस्वास्थ्यमंत्रीहर्षवर्धननेकहाकिमॉर्डनमेडिकलट्रीटमेंटकीपद्धतिकाइस्तेमालकरतेहुएपरंपरागतज्ञानकाउपयोगकरइलाजकेविकल्पोंकीसूचीतैयारकीजारहीहै।उन्होंनेबतायाकिपहलीजड़ी-बूटीआधारितदवाएसीक्यूएचकाभीक्लिनिकलट्रायलचलरहाहै।प्रोबलरामभार्गवनेकहा,'कैडिलाऔरभारतबायोटेकनेफेस-Iकाट्रायलपूराकरलियाहै।सीरमसंस्थाननेफेसII-B3ट्रायलपूराकरलियाहै,औरमंजूरीकेबादचरण-IIIपरीक्षण(14स्थानोंपर1500रोगियोंकेसाथ)शुरूकरेगा।'वहींकेंद्रीयस्वास्थ्यमंत्रीहर्षवर्धननेकहाकिकोविड-19रोगियोंकेलिएपुन:उपयोगमेंलाएजासकनेवालीदवाओंके13क्लीनिकलट्रायलतथाआधुनिकचिकित्साउपचारकीपद्धतिकाइस्तेमालकरतेहुएपरंपरागतज्ञानकाउपयोगकरउपचारकेविकल्पोंकीसूचीतैयारकीजारहीहै।जड़ी-बूटीआधारितदवाकीभीटेस्टिंगहर्षवर्धननेबतायाकिभारतमेंप्रमुखरूपसेध्यानकोविड-19केटीकेकेविकासपररहाहैऔर30सेअधिकटीकोंकोसमर्थनदियागयाहैजोविकासकेविभिन्नस्तरोंपरहैं।उन्होंनेकहाकि'इम्युनोमॉड्यूलेटरसेप्सिवाक'केदूसरेचरणकेक्लीनिकलपरीक्षणकोसफलतापूर्वकपूराकरलियागयाहै।इसकेअलावापहलीजड़ी-बूटीआधारित(फाइटोफार्मास्युटिकल)दवाएसीक्यूएचकादूसरेचरणकाक्लीनिकलट्रायलचलरहाहै।इनआयुर्वेदिकऔषधियोंपरचलरहाकामहर्षवर्धननेकहाकि'अश्वगंधा'काएकरोगनिरोधकपरीक्षणऔर'गुडूचीप्लसपिप्पली',यष्ठिमधुतथापॉलीहर्बलआयुषऔषधि(आयुष-64)केतीनपरीक्षणमामूलीरूपसेअस्वस्थकोविड-19रोगियोंपरकरनेकीयोजनाहै।उन्होंनेकहाकिइसबीमारीकेखिलाफलड़ाईमेंप्रभावीटीकानिश्चितहीकारगरसाबितहोगा।हर्षवर्धननेयहभीकहाकिआयुषमंत्रालयनेकोविड-19केप्रबंधनऔरउसेकमकरनेकेलिएअनेकउपायोंकेजरिएयोगदानदियाहै।रूससेभीचलरहीबातइससेपहलेराज्यसभामेंकेंद्रीयस्वास्थ्यराज्यमंत्रीअश्विनीचौबेनेकहाकिआईसीएमआरऔरकैडिलाहेल्थेयरलिमिटेडकेसाथमिलकरभारतबॉयोटेकद्वाराकिएगएपहलेचरणकेपरीक्षणमेंखुलासाहुआहैकिस्वदेशीआधारपरविकसितकिएगएइसकेदोकैंडिडेटवैक्‍सीन'उत्‍कृष्‍टसुरक्षा'सुरक्षावालेहैं।चौबेनेयहभीबतायाकिरूसद्वाराविकसितरिकॉमबिनान्टवैक्सीनकेसहयोगकेसंबंधमेंविचार-विर्मशचलरहाहै।हालांकिइसबारेमेंकोईऔपचारिकअध्‍ययनप्रारंभनहींकियागयाहै।उन्होंनेबतायाकिसीरमइंस्टीट्यूटऑफइंडिया(एसआईआई)औरआईसीएमआरनेदोवैश्विकवैक्सीनकैंडिडेट्सकेनैदानिकविकासकेलिएसाझेदारीकीहै।प्लाज्माथैरेपीकीभीसमीक्षाकोविड-19परगठितराष्ट्रीयकार्यबलऔरस्वास्थ्यमंत्रालयकासंयुक्तनिगरानीसमूह(जेएमजी)इसबातपरनिर्णयलेंगेकिदेशमेंकोविड-19मरीजोंकेइलाजकेलिएप्लाज्माथैरेपीकोजारीरखाजाएअथवानहीं?भारतीनआयुर्विज्ञानअनुसंधानपरिषद(आईसीएमआर)नेकहाकिउसकीनिगरानीमेंकिएगएपरीक्षणकेआंकड़ोंकीसमीक्षाकेबादइसबारेमेंफैसलाकियाजाएगा।प्लाज्माथैरेपीकारगरनहीं?आईसीएमआरकेडायरेक्टरडॉ.बलरामभार्गवनेकहाकिअलग-अलगजगहोंपरकिएगएनियंत्रितपरीक्षणसेसामनेआयाहैकिप्लाज्माथैरेपीमौतकेमामलोंकोकमकरनेअथवामध्यमसेगंभीरबीमारीकीप्रगतिकोरोकनेमेंमददगारनहींहै।इसपरीक्षणमें14राज्योंऔरकेंद्रशासितप्रदेशोंके25जिलोंके39अस्पतालोंमें464मरीजशामिलरहे।भार्गवनेकहाकिप्लाज्माथैरेपीकाउपयोग100वर्षोंसेभीअधिकसमयसेकिसीनकिसीरूपमेंविभिन्नवायरससंक्रमणोंकेलिएकियाजारहाहै।इबोलावायरसकेदौरानभीइसकाइस्तेमालकियागयाथाऔरकोविड-19महामारीकेबीचभीइसकाइस्तेमालकियागया।उन्होंनेकहा,'इसकालाभहैअथवानहींइसबारेमेंअध्ययनकियाजारहाहै।'(एजेंसियोंसेइनपुटकेसाथ)