घातक हो सकती है लापरवाही, मरीजों की संख्या में कमी नहीं आई

जेएनएन,बुलंदशहर।अक्टूबरमेंकुछकमनजरआनेवालाकोरोनावायरसनवंबरमेंएकबारफिरसेरफ्तारपकड़नेलगाहै।नवंबरमाहके15दिनकेभीतर444नएमरीजजांचमेंसामनेआएहैं।त्योहारीसीजनकीखुमारीमेंलोगशारीरिकदूरीकापालनऔरसैनिटाइजरवमास्ककोभूलरहेहैं।येघातकसिद्धहोसकताहै।

जांचकादायराजरुरबढ़ाहैलेकिनखतराअभीकमनहींहुआहै।इसलिएथोड़ीसीलापरवाहीजानजोखिममेंडालसकतीहै।अक्टूबरमाहमेंजिलेभरमें899नएमरीजमिलेथेजबकिनवंबरमाहमें15तारीखतक444मिलचुकेहैं।बाजारपरनजरडालेंतोपताचलताहैकिबिनामास्कऔरशारीरिकदूरीकापालनकिएबिनालोगोंकीभीड़सड़कपरउमड़रहीहै।पहलेलोगसैनिटाइजरजेबमेंरखतेथेलेकिनअबसबलोगसैनिटाइजरकोभूलचुकेहैं।समूहमेंभीलोगखड़ेहुएदिखाईपड़तेहैं।इससेसंक्रमणफैलनेकाखतराबढ़गयाहै।होमआइसोलेसनमेंभीलापरवाही

होमआइसोलेशनमेंइलाजकरानेवालेमरीजभीलापरवाहीबरतरहेहैं।इनकीस्वास्थ्यविभागद्वारानिगरानीभीनहींकीजारहीहै।होमआइसोलेशनमेंरहनेवालेमरीजोंकीदोबारासेजांचभीनहींकराईजातीहै।वैक्सीनआनेतकयेबरतेंसावधानी

वैक्सीनआनेतकमास्कजरुरलगाएं,सैनिटाइजरसेहाथधोएंयासाबुनसेपरहाथजरुरधोएं।घरकेबाहरजाएंतोशारीरिकदूरीकापालनजरुरकरें,क्योंकिकोरोनाएकऐसावायरसहैजोकिहमारीखुदकीलापरवाहीसेहीहमारेशरीरयाघरमेंआताहै।जरुरीकामहोतभीलोगोंसेमिलें।

डा.वीरेंद्रकुमार,अध्यक्षआइएमएइन्होंनेकहा

जांचकादायराबढ़ाकरकरसंक्रमणकोकुछहदतकनियंत्रितकियाहै।लोगलापरवाहीकरेंगेतोफिरसेहालातविकटहोजाएंगे।वैक्सीनआनेमेंअभीसमयहैइसलिएपूरीसावधानीबरतेंऔरगाइडलाइनकापालनकरें।

डा.रोहताशयादव,जिलासर्विलांसअधिकारी