गल्ल.. थोड़ी पर्सनल: 'घर की देख रेख करना और खुद खाना तैयार करना अच्छा लगता है'

विनोदकुमार,पठानकोट:घरमेंसाफ-सफाईतथाखुदकातैयारकियागयाखानाबनानेकीशौकीनपूर्वसीपीएससीमाकुमारीकाकहनाहैकिउन्हेंबचपनसेहीधार्मिकस्थलोंकीयात्राकरनापसंदथा।राजनीतिमेंआनेसंबंधीउनकेमनमेंकोईबातभीनहींथी।सासप्रीतमदेवीगावकीसरपंचथीऔरफिरबादमेंब्लाकसमितिसदस्य।इसकेबादउन्हेंभीगावकीसरपंचीकरनेकामौकामिला।इसीदौरानपार्टीनेउन्हेंभोआसेविधायककीटिकटदी।इसमेंउन्होंनेकाग्रेसप्रत्याशीबलवीरराजको12144मतोंसेहराकरजीतप्राप्तकी।उसकेबादलोगोंकीसेवाकरनेकामनमेंएकजज्बासापैदाहोगया।पार्टीहाईकमाननेउन्हेंसीपीएसबनाया।रुटीनमेंकरतीहैंयोग

38वर्षीयपूर्वविधायकवसीपीएससीमाकुमारीपूरीतरहसेफिटहैं।वेबतातीहैं-मैंरूटीनमेंसुबहछहबजेतकउठजातीहूंऔरथोड़ीसैरकेबादयोगकरतीहूं।इसकेबादपतिवभाजपाप्रदेशकार्यकारिणीसदस्यविनोदकुमारकेसाथहलकेमेंलोगोंसेरुटीनमेंमिलनेजातीहूं।सप्ताहकेसातदिनोंमेंछहदिनवहअपनेहलकेमेंरहतीहैं।इसेमैंनेअपनीरूटीनकेअनुसारबांटाहुआहै।जैसेसोमवारतारागढ़मंडल,मंगलवारकार्यालयमेंकार्यकर्ताओंकेसाथमीटिंगकरनेकेबादजोसमयमिलताहैउसदौरानवहवहकार्यकर्ताओंसेमिलतीहैं।इसीप्रकारबुधवारकोभोआमंडल,वीरवारकोतारागढ़मंडल,शुक्त्रवारकोनरोटजैमलसिंह,शनिवारकोघरोटामंडलवरविवारकोपरिवारकेसाथसुबहवदोपहरकाभोजनकरनेकेबादशामकोहलकेमेंजातीहूं।अबमेराहलकाहीमेरापरिवारबनगयाहै।परिवारकरतेपूरीस्पोर्ट

पूर्वसीपीएससीमाकुमारीकेदोबच्चेहैं।बेटीमीनाक्षीएलएलबीकररहीहैं,जबकिबेटाबीएकररहाहै।पतिविनोदकुमारउनकाराजनीतिकेकार्योमेंहाथबंटातेहैं,जबकि,सासप्रीतमदेवीवससुरचरणदासउन्हेंलोगोंकीसेवाकार्यकरनेकेलिएप्रेरितकरतेहैं।राजनीतिऔरलोगोंकीसेवामेंउनकापरिवारउन्हेंपूरीतरहसेस्पोर्टकरताहै।सरपंचीसेशुरुहुआसीमाकाराजनीतिकसफर

पूर्वसीपीएसकहतीहैंकि1995मेंउनकीशादीविनोदकुमारकेसाथहुई।मायकेपरिवारसेपरिवारकीसेवाकरनेतथापरिवारकोचलानेकीप्रेरणामिली।इसीदौरानउनकीसासप्रीतमदेवीगावकीसरपंचबनी।उसकेबादवहब्लाकसमितिसदस्यबनींतथागावकीसरपंचीउनकेपासआगई।वर्ष2008से2012तकवहगावकीसरपंचरहीं।पतिआरएसएसऔरसमाजिककायरेंसेजुड़ेहुएथे,जिसकारणभाजपानेउन्हेंभोआसेविधायककीटिकटदेदी।काग्रेसप्रत्याशीबलवीरराजकोहराकरवहविधायकबनीं।14वींविधानसभामेंसीमाकुमारीसबसेकमउम्रकीमहिलाविधायकबनी।उससमयउनकीउम्रमहत33सालथी,जिसपरएमआइटीयूनिर्वसिटीपूणेनेउन्हेंविशेषतौरपरसम्मानितकरतेहुएराजनीतिककार्योकेबारेजागरूककिया।2017मेंउन्हेंहारकासामनाकरनापड़ा,लेकिनवहघरमेंनहींबैठी।पिछलेपाचवषरेंसेवहलगातारहलकेकेबीचलोगोंकेहरदुख-सुखमेंशामिलहोरहीहैं।सीमाकुमारीकाकहनाहैकिउनकाहलकाहीउनकेलिएअबपरिवारहै।कार्यकर्ताओंकेहरदुख-सुखमेंशामिलहोकरउन्हेंशातिमिलतीहै