गंगा पार के दो दर्जन गांव आज भी स्वास्थ्य सेवा से मोहताज

शरदकांतमिश्र,पटियाली

जिलेकीतहसीलपटियालीमेंगंगाकेपारबसेदोदर्जनसेअधिकगांवोंमेंस्वास्थ्यसेवाओंकीकिरणतकनहींगईहै।इनगांवोंमेंपशुओंकीचिकित्साकीभीकोईव्यवस्थानहींहैं।ग्रामीणोंएवंपशुपालकोंकोझोलाछापोंपरनिर्भररहनापड़ताहै।जनप्रतिनिधियोंएवंजिम्मेदारोंनेयहांकेलोगोंकीसमस्याकोकभीनहींसमझा।यहांकेवाशिदेआजभीचिकित्सासुविधाओंकेलिएमोहताजहैं।

आजादीके75सालबीतजानेबादभीगंगानदीपारकेदोदर्जनसेअधिकगांवोंमेंसरकारद्वारास्वास्थ्यसेवाएंसंचालितनहोनेसेवाशिदेझोलाछापसेइलाजकरानेपरमजबूरहैं।तहसीलक्षेत्रकेगंगानदीपारगांवोंकेलिएसामुदायिकस्वास्थ्यकेंद्रगंजडुंडवारासेस्वास्थसेवाएंसंचालितहोतीहैं।गांवोंकीदूरीस्वास्थ्यकेंद्रसे30से40किलोमीटरदूरहै।अधिकदूरीकेकारणमरीजस्थानीयझोलाछापसेयाफिरबदायूंजनपदकेकस्बाउझानीकादरचौक,उसहैत,दातागंजआदिमेंइलाजकरानाबेहतरसमझतेहैं।स्वास्थ्यसेवाओंकेअभावमेंयहांजानवरहीनहींबल्किव्यक्तिअसमयकालकेगालमेंसमांजातेहैं।इनगांवोंमेंनहींहैंसुविधा

ओमनगरिया,नगलामुंता,नगलातिलक,नगलामोहन,नगलाजगमोहन,नगलाडंबर,नगलापटे,हाफिजगंज,हददूकटरी,नौली,फतूहाबाद,हिम्मतनगर,बझेरा,नगलाधाकन,नगलादुर्ग,रामताल,जिजौल,नगलानियाजली,नगलाखुर्द,नगलाटिकुरी,नगलागुलाब,रिकैराऔरगठौरा।गांवमेंकोईस्वास्थ्यकीसुविधानहींहैं।संक्रामकरोगनदीकिनारेअधिकफैलतेहैं,जिनकीरोकथामकेलिएसरकारकीओरसेकोईसुविधानहींकीगईहै।

नीरजकुमार,निवासीओमनगरियामौसमीबीमारियोंकाहमारेक्षेत्रमेंअधिकप्रकोपरहताहै।स्वास्थ्यसेवाएंनहोनेकेकारणझोलाछापसेउपचारकरनाइनगांवकेलोगोंमजबूरीहै।

मुकेशसिंह,निवासीनगलादुर्गबाढ़प्रभावितक्षेत्रमेंपशुदलदलमेंबंधेरहतेहैं।पशुओंकेचिकित्साकीभीकोईव्यवस्थानहींहैं।जनप्रतिनिधियोंनेयहांकेलोगोंकीसमस्याकोकभीनहींसमझाहै।

नन्नेसिंह,निवासीगांवबझेराआजादीके75सालबीतजानेकेबादभीइनगांवोंमेंस्वास्थ्यसेवाएंनहोनाहास्यप्रदहै।जनप्रतिनिधिऔरअधिकारीयहांकीसमस्याओंकोलेकरगंभीरनहींरहेहैं।

कुमरपालसिंह,निवासीजिजौलवर्जन

पहलीबारविधायकनिर्वाचितहुईहूं।यहांकेलोगोंकीसमस्याकानिदानएवंक्षेत्रकाविकासकरनाप्राथमिकताहै।गंगापारकेजिनगांवोंमेंस्वास्थ्यसेवाएंनहींहैं,शासनस्तरसेइससंबंधमेंहरसंभवप्रयासकियाजाएगा।

नादिरासुल्तान,विधायकपटियाली।