जांच की कसौटी में फंसी बुढ़ापे की लाठी

तस्वीरएक:उम्रकेइसपड़ावमेंआकरबच्चोंनेसहाराछोड़दिया।लोगोंसेवृद्धापेशनकीजानकारीहुई।तोकुछआसजरूरजगी।तीनमाहसेकार्यालयकेचक्करलगारहाहूं।कभीअधिकारीनहींमिलतेतोकभीबाबू।अभीतककुछनहींहोसका।

-बुजुर्गरज्जन,कांशीरामकालोनी

वृद्धापेशनपानाइतनाआसाननहीं,आवेदनकिएछहमाहबीतगएअभीतकजांचपूरीनहींहोसकी।कर्मचारीकभीब्लॉकबुलातेहै।कभीकलेक्ट्रेटऑफिस।इसउम्रमेंअबदौड़नेकीभीकूबतनहींबची।जांचपूरीहोजाएऔरपेंशनमिलजाएतोमानलूंगाकिबड़ासहारामिलगया।

-बुजुर्गहीरालाल,बन्योटा

-2823आवेदनब्लॉकोंमेंतीनमाहसेहैंलंबित

-चलफिरनपानेकीउम्रमेंभीविभागकेलगानेपड़रहेहैंचक्कर

जागरणसंवाददाता,बांदा:उम्रकाचौथापन।जबहाथपैरकेसाथहीजिंदगीभीलड़खड़ानेलगतीहै।शायदयहींसेशुरूहोताहैजीवनकासबसेकठिनपल।शरीरमेंवोताकतनहींहोतीकिकुछभीकरगुजराजाए।तोछोटीसेछोटीजरूरतकेलिएभीबच्चोंपरनिर्भरहोनापड़ताहै।इनजरुरतोंकोपूराकरनेकेलिएकईबारआपनोंकेसामनेहीशर्मिदगीकासामनाभीकरनापड़ताहै।बुजुर्गोकीइसीसमस्याकोशायदसरकारनेगंभीरतासेसमझाऔरशुरूकीवृद्धापेशन।ताकिऐसेबुजुर्गाेंकोकुछराहतदीजासके।लेकिनसरकारकीयेयोजनाजांचकीकसौटीमेंफंसकररहगई।ब्लाकवनगरनिकायस्तरपरअधिकारियोंकीलापरवाहीसे2823आवेदनजांचकेलिएलंबितहैं।जबकिशासनसेजांचप्रक्रिया30दिनमेंपूरीकरनेकेनिर्देशहैं।फिरभीबुजुर्गमहीनोंसेपेंशनकेलिएचक्करलगारहेहैं।

बुजुर्गोकोइसउम्रमेंकिसीसेसामनेहाथनफैलानेपड़ेंइसकेलिएसरकारकीओरसेहरमाहचारसौरुपयेकीपेंशनदीजातीहै।लेकिनलापरवाहीइससहारेपरभारीहै।उन्हेंयोजनाकालाभनहींमिलपारहाहै।वर्ष2019-20मेंजिलेभरमेंग्रामीणक्षेत्रके2048औरनगरीयक्षेत्रोंसे775बुजुर्गोंनेपेंशनकेलिएआवेदनकिएथे।लेकिनतीनमाहसेयहआवेदनजांचमेंअटकेहैं।समाजकल्याणविभागद्वाराकईबाररिमाइंडरभेजनेकेबादभीआवेदनआगेनहींबढ़पारहेहैं।जबकिशासनकीस्पष्टगाइडलाइनहैकिकिसीभीयोजनाकेआवेदनकीजांच30दिनसेज्यादालंबितनरखीजाए।समाजकल्याणमेंआनेवाले60सालसेज्यादाकीउम्रपारकरचुकेयेबुजुर्गअपनेचेहरोंपरमायूसीलेकरलौटरहेहैं।

लंबितआवेदनोंकीस्थिति:

ब्लाकलंबितआवेदन

नगरक्षेत्रमेंस्थिति:

नगरलंबितआवेदन

2534बुजुर्गोंकोमिलीहरीझंडी

इसवित्तीयवर्षमेंनए2534बुजुर्गोंकेलिएराहतभरीबातहै।उनकीपेंशनस्वीकृतहोगईहै।अभीतक52011लाभार्थियोंकोपेंशनपहलेसेमिलरहीहै।इन्हेंभीमार्चमाहसेपेंशननहींमिली।बैंकपासबुककेसाथविभागमेंदौड़रहेहैं।

-आवेदनपत्रोंकीजांचकीजिम्मेदारीनगरनिकायवब्लाकोंकीहोतीहै।इन्हींकेसत्यापनकेआधारपरपेंशनस्वीकृतकीजातीहै।जितनेआवेदनआतेहैंउन्हेंफीडकरजांचकेलिएभेजदियाजाताहै।

अनिलकुमारकुशवाहा,समाजकल्याणअधिकारी,बांदा