जल का दुरुपयोग रोकने के लिए सूखी होली की परम्परा करें विकसित

मधुबनी।असत्यपरसत्यकीजीतकेप्रतीकरंगोंकात्योहारहोलीकीआहटकेसाथइसकीझलकदेखनेकोमिलनेलगीहै।होलीकामहत्ववइसकीपवित्रताकायमरखनेकीजिम्मेवारीहमसभीकीहोतीहै।होलीकीत्योहारकेविभिन्नपहलुओंपरगौरकरेंतोइसत्योहारपरपानीकेदुरुपयोगकोनकारानहींजासकताहै।जलकीबर्बादीकोरोकनासभीकाकर्तव्यहै।गर्मीचढ़तेहीग्रामीणक्षेत्रजलसंकटसेजूझनेलगताहै।जलकेलिएहाहाकारमचजाताहै।जलकोबचानेकेलिएसूखीहोलीमनायाजानाउपयुक्तहै।प्रकृतिकाअनमोलउपहारपानीकादुरुपयोगरोकनेकेलिएसूखीहोलीकीपरम्पराकोविकसितकीजरूरतहै।पानीकीबचतकेलिएसूखीहोलीकोलेजागरुकताफैलानेकीजरूरतहै।सूखीहोलीमनानेकासंकल्पलेनाचाहिए।होलीत्योहारकेसाथगर्मीचढ़तेहीजलसंकटकीसमस्याउत्पन्नहोनेलगतीहै।ऐसेसमयमेंजलकीअहमियतकाफीबढ़जातीहै।होलीपररंगोंकोघोलनेफिरइससेछुटकाराकेलिएचारगुणापानीकाखर्चबढ़जाताहै।

-अरुणरायजलकीअहमियतकाअंदाजाबोतलबंदपेयजलकीबढ़तीमांगसेलगायाजासकताहै।होलीकेदिनएकव्यक्तिकोरंगोंसेनिजातहेतुस्नानहेतु60से70लीटरपानीकीजरूरतपड़तीहै।जलकोबचानासभीकाकर्तव्यहै।

-उमेशकुमारसिंहजलकीबचतकोलेकरसजगनहींरहनेपरजलसंकटकासामनाकरनापड़सकताहै।ग्रामीणक्षेत्रोंमेंआजभीलोगचापाकल,तालाबवकुआंपरनिर्भरहोतेहैं।पानीपातालकीओरजानेसेलोगोंकीपरेशानीबढ़जातीहै।

-पवनकुमारझाजलसंकटपरकाबूकेदिशामेंरंगोंकीजगहगुलालकेसाथसूखीहोलीमनाकरपानीकाबचतकरनेकेदिशामेंसंकल्पितहोनाहोगा।जलकेबगैरजीवनहीमृतप्रायहोजाएगा।इसकेलिएसूखीहोलीकोबढ़ावादियाजानाचाहिए।

-------------------हाईटेकहोलीसेसराबोरसोशलमीडिया

रंगोंकात्योहारहोलीकोलेकरसोशलमीडियापररंग-गुलालकेबीचचुटकुला,हंसी-मजाककीपिचकारीसेफेसबुक,ट्विटर,वाटसऐप,मोबाइलसराबोरहोनेलगाहै।त्योहारमेंचंददिनशेषरहनेकेसाथसोशलमीडियाकेजरिएचहुंओरहोलीकीधूममचीहै।वहींसोशलमीडियाकेमाध्यमसेहीहोलीपरशुभकामनाओंकादौरचलपड़ाहै।इधरग्रीटिग्सकार्डकेमाध्यमसेशुभकामनाकीपरम्पराकमजोरसादिखनेलगाहै।लोगचुटकुला,हंसीमजाककेमाध्यमसेहोलीकालुत्फउठानेलगेहैं।डफलीकीथापपरजोगीराकीधुनकमसुनाईपड़तीमौसममेंफागुनकीमादकताकेबीचवातावरणमेंरंगोंकात्योहारहोलीकीमधुरताघुलनेलगीहै।ग्रामीणक्षेत्रोंमेंइसकीउमंगदिखनेलगीहै।होलीकोलेकरबच्चेवयुवाकीधमालमचानेलगेहैं।मगरडफलीकीथापपरजोगीराकीधुनअभीसुनायीनहीपड़रहीहैं।समयकेसाथबदलतेपरिवेशमेंहोलीकीपरम्परामेंआएबदलावकेबीचग्रामीणक्षेत्रोंकीहोलीआजभीकाफीसादगीकेसाथमनायाजाताहैं।ग्रामीणक्षेत्रोंमेंइनदिनोंआनेवालेकिसीभीअतिथिकारंग-गुलालसेविदाईहोरहीहैं।इसबीचबुजुर्गघरकेबच्चोंकोअपनेजमानेकीहोलीकीयादोंसेअवगतकराकरआनंदितहोउठतेहैं।बुजुर्गगुजरेजमानेकीहोलीकेयादोंकोताजाकरबच्चोंकोकईनसीहतदेनेसेनहीचुकतेहैं।दूर-दूरतकफाल्गुनकीलोकगीतकीधुनमंदपड़ीहै।