जन स्वास्थ्य आपातकाल की भविष्यवाणी के लिए प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता : एनजीटी

नयीदिल्ली,पांचनवंबर(भाषा)नागरिकोंकेस्वच्छहवामेंसांसलेनेकेमौलिकअधिकारकोदेखतेहुएराष्ट्रीयहरितअधिकरणनेमंगलवारकोकहाकिजनस्वास्थ्यआपातकालकीभाविष्यवाणीकरनेकेलिएविशेषज्ञोंकेसहयोगसेएकप्रणालीविकसितकरनेकीजरूरतहै।अधिकरणनेकहाकिवायुप्रदूषणकेतीनसबसेबड़ेस्रोतहैं।इनमेंपरालीकाजलना,निगमएवंऔद्योगिककचरेकोजलानाऔरधूलशामिलहै।फिरभीप्राधिकारीइसेरोकनेमेंविफलरहेहैं।अधिकरणकेअध्यक्षन्यायमूर्तिआदर्शकुमारगोयलकीपीठनेकहाकिइसक्षेत्रमेंविशेषज्ञोंकीमददसेअध्ययनकियाजासकताहै,जोसमयसेपहलेयहबतासकतेहैंकिस्थितिखराबहोगीऔरउसकेअनुसारकार्रवाईकीजासकेगी।पीठनेकहा,‘‘दिक्कतयहहैकिसमस्याकीपहचानकेबावजूदयहबरकरारहै।मानलीजिएकिवायुप्रदूषणकीसमस्याकासमाधाननहींकियाजासकता।हमारेपासविशेषज्ञहैंजोस्थितिकीभविष्यवाणीकरसकतेहैंऔरलोगोंकोस्थितिकेबारेमेंपहलेहीबतासकतेहैंताकिदहशतनफैले।इससेवरिष्ठनागरिकऔरमासूमबच्चेसर्वाधिकप्रभावितहोतेहैं।’’अधिकरणनेसलाहदीकिदूरदरर्शनजैसेसार्वजनिकप्रसारणकर्ताकेमाध्यमसेलोगोंकोस्वास्थ्यआपातकालकेबारेमेंजानकारीदीजासकतीहै।हरितनिकायनेकहाकिपरालीजलानेकेबारेमेंलोगोंकोशिक्षितकरनासबसेअधिकआवश्यकहैऔरइसकेलिएसरकारमेंसेपांचसेदसलोगोंकेएकस्वयंसहायतासमूहकागठनकियाजासकताहै।वनएवंपर्यावरणमंत्रालयकेएकवरिष्ठअधिकारीनेपीठकोबतायाकिहरियाणा,पंजाबएवंउत्तरप्रदेशकोपत्रभेजकरफसलअवशेषजलानेपरनियंत्रणकरनेकेलिएकहागयाहैतथाइससंबंधमेंसचिवस्तरकीबैठकहुईहै।इसकेबादअधिकरणकीओरसेयहसलाहआयीहै।