कोलंबो बंदरगाह परियोजना से जुड़ने की भारत की लंबे समय से इच्छा रही है : विदेश मंत्रालय

नयीदिल्ली,12फरवरी(भाषा)विदेशमंत्रालयनेशुक्रवारकोकहाकिकोलंबोबंदरगाहपरियोजनामेंभागीदारीकेलिएभारतकीदिलचस्पीलंबेसमयसेरहीहैक्योंकिवहांज्यादातरसामानभारतसेआता-जाताहै।श्रीलंकानेकोलंबोबंदरगाहमेंईस्टकंटेनरटर्मिनल(ईसीटी)केविकासकेलिएभारतऔरजापानकेसाथदस्तखतकिएएकसमझौतेकोरद्दकरदियाहै।विदेशमंत्रालयकेप्रवक्ताअनुरागश्रीवास्तवनेसंवाददातासम्मेलनमेंकहा,‘‘कोलंबोबंदरगाहपरियोजनामेंभागीदारीकरनेकेलिएभारतकीदिलचस्पीलंबेसमयसेहै,क्योंकिवहांअधिकांशसामानभारतसेआता-जाताहै।’’क्याश्रीलंकानेईसीटीकेबजाएकोलंबोबंदरगाहमेंवेस्टर्नकंटेनरटर्मिनलपरियोजनाकोविकसितकरनेकेलिएभारतकोप्रस्तावदियाहै,इससवालकाजवाबदेनेसेबचतेहुएउन्होंनेकहा,‘‘हमनेसैद्धांतिकतौरपरश्रीलंकासरकारसेयहसमझौताकियाथा।’’श्रीवास्तवनेआगेकहा,‘‘हालांकि,मौजूदासरकारनेनिवेशकोंकोसीधेतौरपरतरजीहदेनेकीइच्छाजतायीहै।मैंसमझताहूंकिअभीभीचर्चाचलरहीहै।’’भारत,जापानऔरश्रीलंकानेकोलंबोपोर्टमेंईसीटीकेविकासकेलिए2019मेंएकसमझौताकियाथा।लेकिन,भारतऔरजापानकोपरियोजनामेंशामिलकिएजानेकोलेकरआंदोलनकेबादश्रीलंकासरकारनेपिछलेसप्ताहयहपरियोजनाएकसरकारीकंपनीकोसौंपनेकाफैसलाकिया।खबरोंकेमुताबिकश्रीलंकानेपरियोजनाकोश्रीलंकापोर्टअथॉरिटी(एसएलपीए)कोसौंपनेकाफैसलाकियाहै।