कोविड-19 पर शोध एवं विकास के लिये इंडिया एलायंस और आरटीआई इंटरनेशनल इंडिया ने साझेदारी की

नयीदिल्ली,11जून(भाषा)कोविड-19केकारणउत्पन्नचुनौतियोंकेबीचशोधएवंविकासकेक्षेत्रमेंकार्यरतदोप्रमुखसंस्थानइंडियाएलायंसऔरआरटीआईइंटरनेशनलइंडियानेएकनईसाझेदारीकीहैजिसकेतहतजांच,निगरानी,संपर्ककापतालगाना,चिकित्सापरामर्श,संवेदनशीलसमुदायोंकेबीचस्वास्थ्यएवंपोषणसेवाओंकीपहुँचसुनिश्चतकरनेकेसाथसाथअनुसंधानकोबढ़ावादियाजायेगा।विज्ञानएवंप्रौद्योगिकीमंत्रालयकेएकबयानकेअनुसार,दोनोंसंस्थाओंकेबीचसाझीदारीकेतहतस्वास्थ्यसेवाओंएवंआपूर्तिश्रृंखलाकीमजबूती,संवादऔरसामुदायिकभागीदारीकोबढ़ावादियाजायेगा।इसकार्यक्रमकाउद्देश्यसार्वजनिकऔरनिजीक्षेत्रकेहितधारकोंकेसाथरणनीतिकसाझेदारीकोबढ़ावादेनाहै,जिससेपरामर्श,नीतिगतसुधार,संसाधनजुटानेमेंमददमिलसकतीहै।बयानकेअनुसार,आरटीआईइंटरनेशनलइंडियाकेनिदेशक(स्वास्थ्य)डॉराजीवटंडननेकहाहै,“यहसाझेदारीभारतीयस्वास्थ्यक्षेत्रकोव्यापकरूपसेसहयोगकरनेमेंसक्षमहै।इससेप्रौद्योगिकीआधारितसंरचनाकोविकसितकरनेमेंमददमिलसकतीहै,जोदीर्घकालिकप्रभावउत्पन्नकरनेऔरउसेबनाएरखनेकेलिएएकमजबूतआधारप्रदानकरनेमेंकारगरहोसकतीहै।”गौरतलबहैकिइंडियाएलायंससंस्थाकोवर्ष2008मेंजैवप्रौद्योगिकीविभाग(डीबीटी)औरदवेलकमट्रस्ट,यूनाइटेडकिंगडमकेबीचएकसाझेदारीकेरूपमेंस्थापितकियागयाथा।इसकाउद्देश्यभारतीयसंस्थानोंमेंजैव-चिकित्साऔरस्वास्थ्यविज्ञानमेंवैज्ञानिकक्षमताकानिर्माणऔरअंतरराष्ट्रीयस्तरपरप्रतिस्पर्धीअनुसंधानकासमर्थनकरनाहै।आरटीआईइंटरनेशनलइंडिया1980केदशकमें,शुरुआतसेहीभारतकोविकाससंबंधीचुनौतियोंकासामनाकरनेमेंसहयोगकररहीहै।