कृषि, ग्राम्य अवसंरचना में अधिक निवेश की जरूरत :अरुण जेटली

मुंबई:वित्तमंत्रीअरुणजेटलीनेरविवारकोकहाकिकृषिऔरग्राम्यअवसंरचनामेंअधिकनिवेशकीजरूरतहै।जेटलीनेयहांनाबार्डकेएकसम्मेलन‘कृषिसमस्याकाशमनऔरकृषिआयमेंवृद्धि’मेंकहा,“कृषिक्षेत्रमेंजहांउत्पादकताकाफीकमहैऔर85फीसदीकिसानसीमांतश्रेणीमेंआतेहैं,वहींकृषिमेंलागतअधिकआतीहै,सिंचाईसुविधाकाफीकमहै,किसानकर्जमेंडूबेहुएहैं,प्रभावीबीमाव्यवस्थाकाअभावहैऔरयहक्षेत्रजलवायुपरिवर्तनसेभीप्रभावितहोरहाहै।”यहभीपढ़े:अमितशाहभोपालपहुंचे

उन्होंनेकहाकिभारतचारफीसदीकृषिविकासदरभीबरकरारनहींरखपारहाहै।इसकेसाथहीउन्होंनेकहाकिभारतीयकिसानोंनेअनाजकेक्षेत्रमेंआत्मनिर्भरताहासिलकीहै।शुक्रवारकेएकआधिकारिकआंकड़ेकेमुताबिक10जुलाईकीस्थितिकेअनुसारखरीफसत्रमेंबुआईक्षेत्रगतवर्षकीसमानतिथिकेमुकाबले60फीसदीअधिकहै।एकबड़ानिवेशकृषिऔरग्राम्यअवसंरचनामेंकिएजानेकीजरूरतहै,जिसमेंखासतौरसेसिंचाईपरध्यानदियाजानाचाहिए।

सरकारनेप्रधानमंत्रीकृषिसिंचाईयोजनाशुरूकीहै,जिसमेंपांचसालमें50हजारकरोड़रुपयेखर्चकरनेकाप्रावधानरखागयाहै।उन्होंनेकहाकिसरकारकृषिक्षेत्रमेंएकव्यावहारिकबीमायोजनापरकामकररहीहै।उन्होंनेउम्मीदजताईकिआगामीदिनोंमेंभीमानसूनीबारिशजूनकीतरहहीहोगी।अच्छीबारिशहोनेसेतिलहनऔरदलहनकीउपजबढ़ेगी,जिसमेंमहंगाईअभीकाफीअधिकहै।