लद्दाख की सांस्कृतिक विरासत बचाने के लिए इसे संविधान की छठीं अनुसूची में किया जाए शामिल

जागरणब्यूरो,नईदिल्ली। राष्ट्रीयअनुसूचितजनजातिआयोगनेजनजातीयबाहुल्यलद्दाखकीसांस्कृतिकविरासतकोबचाएरखनेकेलिएइसेसंविधानकीछठींअनुसूचीमेंशामिलकरनेकीमांगकीहै।आयोगनेइसेलेकरकेंद्रीयगृहमंत्रीऔरजनजातीयकार्यमंत्रीकोचिट्ठीलिखीहै।

आयोगकीउच्चस्तरीयबैठक

आयोगकीबुधवारकोहुईउच्चस्तरीयबैठकमेंयहफैसलालियागया।आयोगकेअध्यक्षनंदकुमारसायनेकहाकिलद्दाखऐसाक्षेत्रहै,जहांजनजातियोंकीआबादी97प्रतिशतसेअधिकहै।ऐसेमेंइसक्षेत्रकोसंविधानकीछठींअनुसूचीमेंशामिलकरनेकीसुझावदियाहै।

क्षेत्रीयविकासकोबढ़ावामिलेगा

आयोगकामाननाहैकिइसअनुसूचीशामिलहोनेसेइसपूरेक्षेत्रमेंशक्तियोंकालोकतांत्रिकहस्तांतरण,विशिष्टसंस्कृतिकासंरक्षणऔरप्रोत्साहन,भूमिअधिकारसहितकृषिअधिकारोंकासंरक्षणऔरक्षेत्रकेतीव्रविकासकेलिएधनकीउपलब्धताकोबढ़ावामिलेगा।