लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा को बनाया मजबूत

जालंधर:देशकीआजादीको75सालहोगएहैं।अबहालाततेजीसेबदलेहैं।आधुनिकयुगनेआपसीदूरियांभलेहीमिटादीहैं,परंतुदिलोंकीबढ़ादीहैं।पिछलेमाह17जुलाईको75सालकीआयुपूरीहुई।ऐसालगरहाहै,जैसेभारतमेराहमउम्रहै।पिछले75सालमेंशहरऔरदेशकाविकासकाफीतेजीसेहुआहै।उनकेपितास्व.डा.बद्रीदासनेलोगोंकोस्वास्थ्यसेवाएंमुहैयाकरवाई।वहभीउनकेसाथलोगोंकीसेवामेंजुटेरहे।1969मेंडीएवीआयुर्वेदिकमेडिकलकालेजसेजीएएमएसकीपढ़ाईशुरूकीऔरफिरसंतोखपुरामेंप्रेक्टिसकरनेलगे।तबलोगोंमेंसेवाभावनाअधिकथी।आपसीभाईचाराभीज्यादाथा।मैंनेलोगोंकीस्वास्थ्यसुरक्षाकाजिम्माउठाया।लोगोंकोआयुर्वेदिकपद्धतिसेबीमारियोंकाइलाजकरवानेकीराहदिखाई।देशकीतरक्कीस्वस्थलोगोंपरहीनिर्भरकरतीहै,इसीफलसफेसेलोगोंकोजागरूककिया।लोगोंकोपौष्टिकआहारतथाव्यायामकोप्राथमिकतादेनासिखाया।लोगोंकेबेहतरस्वास्थ्यकेलिएअबतकहजारोंफ्रीमेडिकलकैंपलगामुफ्तइलाजकिया।नीमाकेबैनरतलेसामाजिककार्योकोभीबढ़ावादिया।देशकीतरक्कीमेंसामाजिककार्यबड़ायोगदानदेतेहैं।लायंसक्लबकेसाथजुड़करपौधारोपणकरनेकेअलावाजरूरतमंदलोगोंकीसेवामेंजुटेहैं।लोगोंकीस्वास्थ्यसुरक्षायकीनीबनाई,ताकिदेशतरक्कीकरसके।

डा.विनयधीर,धीरक्लीनिक,संतोखपुरा

समयकेसाथसख्तऔरलचीलाहुआदेशकाकानून

देशकीआजादीकेतीनमाहबादआठदिसंबर,1947कोकरतारपुरइलाकेकेगांवमंडमौरमेंजन्महुआ।अबदेशआजादीके75वर्षपूरेहोनेपरजश्नमनारहाहै,इसलिएबहुतखुशीमहसूसहोरहीहै।हरक्षेत्रमेंकाफीबदलावदेखाहै।देशकाकानूनजहांमहिलाओं,दलितोंपरअत्याचारऔरअन्यमामलोंकोलेकरसख्तहुआहै,वहींलोगोंकीसहूलियतकोदेखतेहुएकानूनमेंथोड़ालचीलापनभीआयाहै।देशकीशिक्षाव्यवस्थाभीआजादीकेबादसेकाफीबदलीहै।आदमपुरसेशुरुआतीशिक्षाग्रहणकरनेकेबादइवनिगकालेजसेग्रेजुएशनकिया।देशकीतरक्कीशिक्षितसमाजसेहीहोसकतीथी,इसलिएशिक्षाकेक्षेत्रमेंजानेकीठानीऔर1964मेंशिक्षणकार्यशुरूकिया।1973मेंएकनिजीस्कूलमेंसेवाएंदेनेकेसाथहीसरकारीस्कूलरायसिंहपुरमेंज्वाइनकिया।वहां1980तकवहांपढ़ाया।आजइसबातकीखुशीहैकिउनकेकईछात्रदेशकेनिर्माणमेंयोगदानदेरहेहैं।फिरलाकीडिग्रीहासिलकर1980मेंप्रेक्टिसशुरूकी,ताकिगरीबलोगोंकोन्यायदिलासकें।करीब40सालकीवकालतमेंकईगरीबलोगोंकोन्यायऔरहकदिलाया।देशकीतरक्कीकेलिएयहबहुतहीजरूरीहैकिसभीलोगअपनाकिसीनकिसीरूपमेंयोगदानजरूरदें।

गुरमीतसिंहशुगली,शिक्षक,वकीलवसाहित्यकार