मैपिंग नीति में बदलाव भारत के लिए रक्षा और गैर-रक्षा से जुड़े क्षेत्रों को बनाएगा आत्मनिर्भर

अमरजीतकुमार।IndiaNewMappingPolicyमैपिंगनीतिमेंबदलावकरतेहुएकेंद्रसरकारनेनियंत्रितभू-स्थानिकडाटातकपहुंचपरप्रतिबंधकोहटालियाहै।इसबदलावसेपहलेव्यक्तियोंऔरकंपनियोंकोभू-स्थानिकसूचनाविनियमनअधिनियम,2016केतहतमानचित्रणडाटाकेउपयोगकेलिएपूर्वअनुमतिलेनाआवश्यकथा।भू-स्थानिकडाटाऔरसेवाओंकोप्राप्तकरनेवसृजितकरनेकेलिएविज्ञानऔरप्रौद्योगिकीमंत्रलयद्वाराजारीनएदिशा-निर्देशोंकेतहतव्यवसायोंऔरनवप्रवर्तकोंकोडिजिटलभू-स्थानिकडाटाऔरमानचित्रोंकोएकत्रितकरने,स्टोरकरने,तैयारकरने,प्रसारकरने,प्रकाशितकरनेऔरउसेअद्यतनकरनेसेपहलेउसकेपूर्वअनुमोदनकीजरूरतनहींहोगी।

भौगोलिकक्षेत्रकीसटीकजानकारीआधुनिकडिजिटलप्रणालीकाएकअभिन्नअंगहै।यहउनउद्योगोंकीसफलताकेलिएमहत्वपूर्णहैजोई-कॉमर्स,डिलीवरीऔरलॉजिस्टिक्सवपरिवहनजैसीस्थान-आधारितसेवाएंप्रदानकरतेहैं।यहअर्थव्यवस्थाकेअधिकपरंपरागतक्षेत्रोंजैसेकृषि,निर्माणऔरअचलसंपत्तिवखदानजैसेक्षेत्रोंकेलिएभीजरूरीहै।यहकदमकईमायनोंमेंमहत्वपूर्णइसलिएहै,क्योंकिइसक्षेत्रमेंविदेशीकंपनीपरनिर्भरताकमकरनीहोगीजोसामरिकदृष्टिसेभीअहमहै।

चिंताजनकयहहैकिभू-स्थानिकडाटाप्रसंस्करणकेक्षेत्रमेंभारतीयस्टार्ट-अपअभीभीकाफीपीछेहैं।वहींइससेजुड़ेकुल140स्टार्ट-अपराजस्वकेमामलेमेंइसक्षेत्रकीबड़ीकंपनीगूगलसेकाफीपीछेहैं।ऐसेमेंमैपिंगनीतिमेंहुएव्यापकबदलावएकप्रभावीकदमसाबितहोगा।दरअसलभारतमेंई-कॉमर्सकेविकासकीगतिकाफीतेजहै।इंडियाब्रांडइक्विटीफाउंडेशनकेअनुसारवर्ष2024तकभारतमेंई-कॉमर्ससेजुड़ेक्षेत्रोंकाकारोबारसौअरबडॉलरतकपहुंचजाएगा।महत्वपूर्णहैकिई-कॉमर्ससेजुड़ेक्षेत्रकीनिर्भरताअभीभीकुछसीमितविदेशीसंस्थाओंपरहैजोभौगोलिकडाटाउपलब्धकरातेहैं।ऐसेमेंइसक्षेत्रमेंआवश्यकपहलकरनेकीजरूरतहै।

विज्ञानऔरप्रौद्योगिकीमंत्रलयद्वाराहालहीमेंकहागयाहैकिवैश्विकस्तरपरजोचीजआसानीसेउपलब्धहै,उसेभारतमेंप्रतिबंधितकरनेकीजरूरतनहींहैऔरइसलिएजोभू-स्थानिकडाटाप्रतिबंधितथा,भारतमेंस्वतंत्ररूपसेउपलब्धहोगा।भारतीयसंस्थाएंभू-स्थानिकडाटाकेप्रयोगकेलिएविदेशीसंस्थाओंऔरविदेशी-स्वामित्ववालीसंस्थाओंकोलाइसेंसदेसकतीहैं।

यहभीसहीहैकिवैश्विकस्तरपरहोरहेअंतरिक्षऔररक्षाक्षेत्रमेंअनुसंधाननेदेशकीसुरक्षाऔरगोपनीयताकेलिएएकचुनौतीउत्पन्नकरदीहै।ऐसेमेंविदेशआधारितइमेजिंगउपग्रहपरनिर्भरताकोकमकरनेकीदिशामेंअपेक्षितसुधारआवश्यकहोगयाहै।गौरतलबहैकिवर्ष2019मेंदिल्लीउच्चन्यायालयमेंदायरएकजनहितयाचिकामेंगूगलपरउपलब्धभारतकेसभीरक्षाठिकानोंऔरअन्यमहत्वपूर्णसूचनाओंकोदेशकेलिएखतराबतायागयाथा,वहींसुरक्षाएजेंसियोंनेजांचमेंपायाकि26/11केमुंबईहमलेमेंभीआंतकियोंद्वाराजानकारीजुटानेकेलिएइन्हींमाध्यमोंकाउपयोगकियागयाथा।

मुद्दायहहैकिजबतकभारतभौगोलिकडाटाप्रसंस्करणकेक्षेत्रमेंआत्मनिर्भरनहींहोजाताहै,तबतकइसक्षेत्रकोनियंत्रितकरनाकाफीचुनौतीपूर्णकार्यहै।भारतइसक्षेत्रमेंआत्मनिर्भरताबढ़ानेकेलिएइसरोद्वाराविकसितभारतीयक्षेत्रीयनौवहनउपग्रहप्रणालीएकस्वतंत्रक्षेत्रीयनेविगेशनउपग्रहप्रणालीहैजिसेभारतीयक्षेत्रमेंभौगोलिकस्थितिकीजानकारीप्रदानकरनेकेलिएविकसितकियागयाहै,जबकियहभारतीयमुख्यभूमिसे1,500किमीकेआसपासतकनेविगेशनआधारितजानकारीदेनेमेंसक्षमहै।इसकाउपयोगस्थलीय,हवाईऔरसमुद्रीनेविगेशनकेलिएकियाजारहाहै,जबकिआपदाप्रबंधन,मैपिंगऔरभू-स्थानिकडाटाकेप्रयोगआधारितजुड़ेक्षेत्रोंमेंकियाजारहाहै।

भू-स्थानिकडाटापृथ्वीकीसतहपरकिसीभीविशिष्टस्थानसेसंबंधितविशिष्टजानकारीहोतीहै,ऐसेमेंभारतमेंकईआधारभूतसंरचनागतविकासमेंइसकाप्रयोगमहत्वपूर्णहोसकताहै।औद्योगिकगलियारोंयानदियोंकेलिंकजैसीबुनियादीढांचापरियोजनाओंकेदौरानसटीकभू-स्थानिकडाटामहत्वपूर्णहै।साथही,लॉजिस्टिक्सऔरउन्नतशहरीपरिवहनव्यवस्थाआधारितस्मार्ट-सिटीकेविकासमेंइसडाटाकाप्रयोगकाफीउपयोगीहोगयाहै।

विगतवर्षोमेंकेंद्रऔरराज्यसरकारद्वाराआधारभूतसंरचनाकेनिर्माणकार्योऔरनिगरानीकेलिएभौगोलिकसत्यापनकोअनिवार्यबनायाजारहाहै।ऐसेमेंयोजनागतनिर्माणकार्योकासटीकअनुमानकेसाथउसकेप्रबंधनमेंभीइसडाटाकाप्रयोगकाफीबढ़ाहै।यहबदलावभू-स्थानिकडाटातकअन्यव्यावसायिकक्षेत्रोंकीपहुंचआसानहोगी,जबकिदेशमेंविकसितइमेजिंगउपग्रहऔरसटीकभू-स्थानिकजानकारीउपलब्धकरनेमेंसक्षमहै।केंद्रसरकाररक्षाक्षेत्रमेंस्वदेशीउत्पादोंकेप्रयोगकोबढ़ावादेरहीहै,वहींमैपिंगनीतिमेंबदलावभीइसक्षेत्रकेभारतीयस्टार्ट-अपकेलिएकाफीमहत्वपूर्णकदमसाबितहोगाऔरभारतकेलिएरक्षाऔरगैर-रक्षासेजुड़ेक्षेत्रोंकोआत्मनिर्भरबनाएगा।

[शोधार्थी,वीरकुंवरसिंहविश्वविद्यालय,आरा,बिहार]