मृदा के अत्याधिक दोहन से उर्वरता हो रही कम

अंबेडकरनगर:कृषिविज्ञानकेंद्रपांतीएवंकृषिविभागद्वारासंयुक्तरूपसेपांतीकेसभागारमेंविश्वमृदास्वास्थ्यदिवसएवंमृदास्वास्थ्यकार्डवितरणवगोष्ठीकाआयोजनकियागया।मुख्यअतिथिउपकृषिनिदेशकविनोदकुमारनेबतायाकिमनुष्यकोस्वस्थरहनेहेतुसंतुलितएवंपौष्टिकभोजनकीआवश्यकताहैजोमृदासेपैदाकियाजाताहै।लगातारफसलउगाकरमृदाकाअत्याधिकदोहनकरनेसेउसकीउर्वरताकमहोरहीहै।जिसकापताजांचकराकेकियाजाताहै।मृदापरीक्षणकेआधारपरकृषकोंमेंमृदास्वास्थ्यकेकार्डबनाकरशिविरमेंकृषकोंकोवितरितकिएजातेहैं।गोष्ठीकीअध्यक्षताकृषिविज्ञानकेकार्यक्रमसमन्वयकडॉ.रविप्रकाशमौर्यनेकी।उन्होंनेसूक्ष्मउर्वरकप्रबंधनकेविषयमेंजानकारीदी।उन्होंनेबतायाकिजैविकविधियोंसेखेतीकरकेमृदाकोस्वस्थरखाजासकताहै।पौधोंकोअपनाजीवनचक्रपूराकरनेमें16पोषकतत्वोंकीआवश्यकताहै।जिलाकृषिअधिकारीडॉ.धर्मराज¨सहनेकिसीभीतत्वकीभूमिमेंकमीहोनेपरफसलोंमेंउनकीकमीकेलक्षणकेविषयमेंजानकारीदी।केंद्रकेवैज्ञानिकडॉ.शैलेंद्र¨सह,डॉ.विनयकुमारनेरबीसीजनकीसब्जियांमेंसूक्ष्मपोषकतत्वप्रबंधनकेविषयमेंजानकारीदी।डॉ.विद्यासागरनेकेंचुआकीखादकेविषयमेंकृषकोंकोबताया।डॉ.प्रदीपकुमारनेमधुमक्खीपालनकेविषयमेंजानकारीदी।इसमौकेपरकिसानोंकोमृदास्वास्थ्यकार्डभीप्रदानकियागया।