‘पड़ोसी देशों की बाधा उत्पन्न करने की कोशिश के बावजूद कश्मीर में जमीनी लोकतंत्र पुनर्जीवित किया’

जिनेवा,15सितंबर(भाषा)भारतनेमंगलवारकोकहाकिपड़ोसीदेशद्वाराजम्मू-कश्मीरमेंआतंकवादियोंकोघुसपैठकरानेऔरलोकतांत्रिकप्रक्रियाकोपटरीसेउतारनेकेलगातारकोशिशोंकेबावजूदउसनेजम्मू-कश्मीरमेंजमीनीस्तरपरलोकतंत्रकोपुनर्जीवितकियाहैऔरयहांसामाजिकऔरआर्थिकविकासकोगतिदीहै।यहांमानवाधिकारपरिषदके45वेंसत्रमेंएकबहसकेदौरानभारतकेस्थायीप्रतिनिधिइंद्रमणिपांडेनेक्षेत्रकेबारेमेंसंयुक्तराष्ट्रमानवाधिकारप्रमुखमिशेलबेचलेटकेबयानपरखेदव्यक्तकिया।पांडेनेकहाकिभारतसभीमानवाधिकारकोबरकराररखनेकेलिएप्रतिबद्धहै।उन्होंनेकहाकिदेशकीसंप्रभुताऔरक्षेत्रीयअखंडताऔरदेशकेआंतरिकमामलोंमेंदखलनहींदेतेहुएमानवाधिकारकेएजेंडेऔरइसपरबहसनिष्पक्षऔरपारदर्शीतरीकेसेहोनीचाहिए।जम्मू-कश्मीरकोविशेषदर्जादेनेवालेअनुच्छेद370केज्यादातरप्रावधानोंको2019मेंखत्मकिएजानेकाहवालादेतेहुएउन्होंनेकहाकिइसबदलावकीवजहसेकेंद्रशासितक्षेत्रकेलोगउन्हींमूलभूतअधिकारोंकोहासिलकररहेहैं,जोअधिकारभारतकेअन्यहिस्सोंकेलोगोंकेलिएहैं।