फर्जी डिग्रीधारकों की पहचान में छूट रहे पसीने

मैनपुरी:फर्जीडिग्रीधारकोंकीपहचानमेंबेसिकशिक्षाविभागकेपसीनेछूटरहेहैं।लेकिनइसकेबादभीइनशिक्षकोंकीपहचाननहींहोपारहीहै।सोमवारतककेवलपांचफर्जीडिग्रीधारकशिक्षकोंकीपहचानहीहोपाईथी।विभागभीपूरीप्रक्रियाकोगुपचुपतरीकेसेकरारहेहैं।इसकेचलतेइसपरसवालउठनेभीशुरूहोगएहैं।

डॉ.भीमरावअंबेडकरविश्वविद्यालयआगराद्वारावर्ष2004-05मेंबीएडकीफर्जीडिग्रीवाले4570लोगोंकीसूचीजारीकीगईथी।येसूचीशुक्रवारकोहीजिलाबेसिकशिक्षाअधिकारीकार्यालयमेंउपलब्धकरादीगईथी।इससूचीकेनामोंसेजिलेमेंतैनातशिक्षकोंकेनामसेमिलानकियाजानाथा।जिससेफर्जीडिग्रीधारकोंकीपहचानकीजानीथी।लेकिनबेसिकशिक्षाविभागइससूचीकामिलाननहींकरपारहाहै।पांचदिनकासमयपूराहोनेकेबादभीअबतकपूरीसूचीनहींखंगालीजासकी।वहींबेसिकशिक्षाविभागइसप्रक्रियाकोपूरीतहरगोपनीयबनाएहुएहै।नतोसंबंधितपटलसहायककुछबोलनेकोतैयारहैंऔरनहीबीएसएनेअबतकइसकीकोईपुष्टिकीहै।इससेविभागपरभीअंगुलियांउठनेलगीहैं।लोगगोपनीयताकीआड़मेंखेलहोनेकीबातकररहेहैं।सूत्रोंकेअनुसारसोमवारकोफर्जीडिग्रीधारकपांचऐसेशिक्षकोंकीपहचानहोगईथी,जिनकीतैनातीजिलेमेंहै।वहींएकसवालऔरउठरहाहैकिफर्जीडिग्रीधारकोंकीपहचानकरनाबहुतजरूरीहै।ऐसेमेंविभागइसमेंढीलक्योंदेरहाहै।