पुलिस जांच में दखल का मैजिस्ट्रेट को हक

विवेकवार्ष्णेयनईदिल्ली:सुप्रीमकोर्टनेकहाहैकिअगरपुलिसकिसीमामलेकीजांचठीकढंगसेनहींकरतीऔरशिकायतकर्तापुलिसतफ्तीशसेसंतुष्टनहोतोसंबंधितमैजिस्ट्रेटपुलिसकोसहीदिशामेंजांचकरनेकानिर्देशदेसकताहै।यहीनहीं,मैजिस्ट्रेटतफ्तीशकीमॉनिटरिंगभीकरसकताहै।इसतरहसुप्रीमकोर्टनेअपनेउनफैसलोंकोपलटदिया,जिनमेंकहागयाथाकिअदालतेंपुलिसजांचमेंहस्तक्षेपनहींकरसकतीं।सीआरपीसीकीधारा156कीव्याख्याकरतेहुएसुप्रीमकोर्टनेकहाकिएफआईआरदर्जकरानेऔरतफ्तीशठीकसेनहोनेपरसीधेहाईकोर्टमेंयाचिकादायरकरनेकीपरंपरागलतहै।हाईकोर्ट्सकोऐसेलोगोंकोउत्साहितनहींकरनाचाहिए।कानूननेमैजिस्ट्रेटोंकोबहुतअधिकारदिएहैं।जस्टिसए.के.माथुरऔरजस्टिसमार्कन्डेयकाटजूकीबेंचनेसकीरीवासुकीयाचिकापरयहआदेशदिया।वासुकाबेटारविशंकरसेनामेंमेजरथा।मथुरामेंतैनातीकेदौरानअगस्त2003मेंउसकीरहस्यमयमौतहोगईथी।रेलवेपुलिसऔरसेनाकीकोर्टऑफइन्क्वायरीनेमेजररविशंकरकीमौतकोखुदकुशीबतायालेकिनवासुकाआरोपथाकिसेनामेंभ्रष्टाचारकीशिकायतकरनेपररविशंकरकीहत्याकीगई।इलाहाबादहाईकोर्टनेहत्याकामुकदमादर्जकरनेकीवासुकीयाचिकाखारिजकरदीथी।वासुनेसीबीआईजांचकीमांगभीकीथी।जस्टिसकाटजूनेकहाकिअगरथानेमेंएफआईआरदर्जनहींकीजातीतोपीड़ितकोएसपीकेदफ्तरमेंसीआरपीसीकीधारा154(3)केतहतलिखितशिकायतदेनीचाहिए।अगरएसपीभीएफआईआरदर्जकरनेकाआदेशनहींदेतातोधारा156(3)केतहतमैजिस्ट्रेटकोर्टमेंअर्जीदीजासकतीहै।मैजिस्ट्रेटसिर्फएफआईआरदर्जकरनेकाहीनहींबल्किजांचठीकढंगसेकरनेकाआदेशभीदेसकताहै।यहधाराकेतहतमैजिस्ट्रेटकोजांचकीनिगरानीकाअधिकारभीहै।धारा156(3)मैजिस्ट्रेटकोस्वतंत्रअधिकारदेतीहै।इससेपुलिसकीजांचकोआगेबढ़ानेकाअधिकारप्रभावितनहींहोता।पुलिसद्वाराकेसनचलानेकीसिफारिश(क्लोजररिपोर्ट)कोपलटकरमैजिस्ट्रेटचाहेतोकेसकीदोबाराजांचकेआदेशदेसकताहै।सुप्रीमकोर्टनेकहाकिसभीविकल्पोंकाइस्तेमालकरनेकेबादहीरिटदाखिलकीजानीचाहिए।बेंचनेएफआईआरदर्जकरनेकीवासुकीयाचिकाखारिजकरदी।