राजस्थान में हर साल 1 लाख से ज्यादा नए मरीज, इनमें 50% को सिर्फ ओरल और ब्रेस्ट कैंसर

राजस्थानमेंकैंसरतेजीसेअपनेपैरपसाररहाहै।प्रदेशमेंहरसाल1लाखसेज्यादानएमरीजसामनेआरहेहैं।इनमेंसबसेज्यादाकरीब50%मरीजओरलकैंसर(मुंह,गलेऔरखानेकीनली),लंग्स,ब्रेस्टऔरबच्चेदानीकेकैंसरसेजुड़ेमामलेहोतेहैं।कैंसरकीचपेटमेंआनेवालोंमेंपुरुषोंसेज्यादामहिलामरीजहैं।

जयपुरकीफैसिलिटीऑफस्टेटकैंसरइंस्टीट्यूटकेअधीक्षकऔरकैंसररोगविशेषज्ञडॉ.संदीपजसूजानेबतायाकिराजस्थानमेंकैंसरमरीजोंकीसंख्यादिनों-दिनबढ़रहीहै।यहांहरसालएकलाखसेज्यादामरीजोंकीसंख्यासामनेआरहीहै।इनमेंसेअकेलेजयपुरकेही40%मरीजहोतेहैं।

डॉ.संदीपजसूजानेबतायाकिअस्पतालमेंमरीजअक्सरतीसरीस्टेजकेबादहीपहुंचरहाहै,इसकेकारणउनकेबचनेकेचांसबहुतकमरहजातेहैं।उन्होंनेबतायाकिपिछलेकुछसालोंकेअध्ययनमेंयेपायागयाहैकिलगभग70%तकलोगकैंसरकोतबडिटेक्टकरपातेहैं,जबवोतीसरीयाचौथीस्टेजतकपहुंचजातेहैं।ऐसेमेंयहजरूरीहोजाताहैकिइसबीमारीकोगंभीरतासेलेकरऔरकोईभीछोटी-मोटीसमस्याहोनेपरडॉक्टरकोदिखाकरजांचजरूरकरवानीचाहिए।

80फीसदीहोतीहैबचनेकीसंभावना

जयपुरकेमहात्मागांधीमेडिकलकॉलेजकेप्रोफेसरऔरमेडिकलऑन्कोलॉजीकेहेडडॉ.हेमंतमल्होत्रानेबतायाकिअगरमरीजपहलीऔरदूसरीस्टेजमेंहीडॉक्टरकेपासपहुंचजाताहैतोउसकेबचनेकी80फीसदीसेज्यादासंभावनाएरहतीहैं,जबकितीसरीऔरचौथीस्टेजमेंआनेवालेमरीजोंकेबचनेकीसंभावना20फीसदीसेभीकमरहजातीहै।उन्होंनेबतायाकिआजराजस्थानमेंकैंसरकासबसेबड़ाकारणतंबाकू,सिगरेटहैऔरयहीकारणहैकिओरलकैंसरकेसबसेज्यादापुरुषमरीजआरहेहैं।वहींमहिलामरीजोंमेंब्रेस्टकैंसरऔरबच्चेदानीमेंकैंसरहोनेकीसंख्यासबसेअधिकसामनेआरहीहै।येसंख्याहरसाललगभग10प्रतिशतकीदरसेबढ़रहीहै।

ब्रेस्टकैंसरकेमामलेसबसेकॉमन

विश्वस्वास्थ्यसंगठन(WHO)केमुताबिक,ब्रेस्टकैंसरअबसबसेकॉमनकैंसरबनगयाहै।पिछले20सालसेफेफड़ेकाकैंसरसबसेकॉमनथा,लेकिनअबयहदूसरेपायदानपरहै।WHOकेकैंसरएक्सपर्टआन्द्रेइलबावीकहतेहैं,2020मेंब्रेस्टकैंसरकेदुनियामें23लाखमामलेसामनेआएजोकुलमामलोंका12फीसदीहै।महिलाओंमेंहोनेवालेकैंसरमेंसबसेज्यादामामलेइसीकेहैं।हरसाल4फरवरीकोमनाएजानेवालेवर्ल्डकैंसरडेकेपहलेWHOनेयहरिपोर्टजारीकीहै।रिपोर्टकेमुताबिक,तीसरेपायदानपरकोलोरेक्टलकैंसरहै।