सौ वर्ष पुराने तालाब का कर लिया गया अतिक्रमण

जमुई।तालाबहमारीसंस्कृतिसेजुड़ारहाहै।एककृतज्ञसमाजतालाबबनानेवालेकोअमरबनाताऔरलोगभीतालाबबनाकरसमाजकेप्रतिअपनीकृतज्ञताज्ञापितकरतेथेलेकिन,बदलतेसमयकेसाथधीरे-धीरेसबकुछबदलनेलगा।जनसंख्याबढ़ी,संपत्तिमेंहिस्सेदारीबढ़गई।नतीजाहुआकिपूर्वजोंद्वारासमाजकोदिएगएधरोहरभीबिकनेलगे।

नगरपरिषदक्षेत्रकेवार्डनंबर11हरनाहागांवस्थिततालाबका।निजीस्वार्थकीपूर्तिकेलिएयहांकेग्रामीणइसतालाबसेमिट्टीकाटतेचलेगए।इतनाहीनहींतालाबकोखेतमेंमिलाकरअतिक्रमणभीकरलियागया।वर्तमानस्थितियहहैकितालाबगहरीखाईबनकररहगईहै।आजयहतालाबअपनाअस्तित्वखोतानजरआरहाहै।प्रभुयादव,सुखदेवयादव,अशांतमोदी,प्रयागयादव,बिसपतयादव,मुरारीयादवसहितअन्यनेबतायाकियहतालाबलगभग100वर्षपुरानाहै।इसतालाबकारकबा10कट्ठाकाहुआकरताथालेकिन,किसानोंनेइसेअपनेजमीनमेंमिलालिया।

कहतेहैंअधिकारी

नगरपरिषदक्षेत्रमेंपड़नेवालेताल-तलैया,पोखरकेजीर्णोद्धारकेलिएजल्दहीकमेटीकागठनकरइसपरकामशुरूकियाजाएगा।

डॉ.जनार्दनप्रसादवर्मा,कार्यपालकअधिकारी,नगरपरिषद,जमुई।