सत्य को आत्मसात करने से ही मनुष्य बनेंगे चरित्रवान : जीवछ

मधेपुरा।प्रखंडमुख्यालयस्थितसदरपंचायतकेवार्डनंबरएकस्थितप्रेमलालटोलामेंतीनदिवसीयकबीरसतसंगकेदूसरेदिनरविवारकोनेपालकेभरूकवाएफएमरेडियोचैनलकेकथावाचकजीवछसाहेबकाप्रवचनहुआ।उन्होंनेकहाकिमनुष्योंकेजीवनचरित्रनिर्माणसेसमाजकासमुचितविकाससंभवहै।चरित्रनिर्माणसेहीसमाजमेंसमरसताकायमहोगा।उन्होंनेकहाकिसमाजमेंसमरसताकीकमीआईहै।एकदूसरेकेप्रतिद्वेषकाभावलोगोंमेव्याप्तहोगयाहै।अपनेलोगअपनेहीलोगकेदुश्मनहोचलाहै।इनसबकाकारणहैलोगोंमेंचरित्रकीकमीआनाहै।मानवहमेशाचरित्रसेसुन्दरहोताहैनकिचेहरेकीसुंदरतासे।संतकेसानिध्यमेंहमेशाज्ञानमिलताहै।अगरलोगबुरेकर्मोंसेतौबाकरेंऔरसत्कर्मपरचलेतोउसकोनिश्चितरूपसेईश्वरकादर्शनहोताहै।इसअवसरपरमुख्यरूपसेदामोदरयादव,सूर्यनारायणमंडल,देवेन्द्रयादव,मुसाययादव,कमलयादव,चन्देश्वरीयादव,संजययादव,सिकेन्द्रयादव,रवियादव,मदनयादव,राजदेवयादव,लालयादव,सुनरयादव,नागेश्वरयादव,ललनयादव,अरुणयादव,अनंतलालयादव,गुलाबयादव,धनेश्वरयादव,महेशराय,रविन्द्रकुमारकृतनारायणयादवसहितकईलोगउपस्थितथे।